बस्ती। टेरर फंडिंग के आरोपी और अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए ई-टिकट के काले कारोबार के सरगना बने मोहम्मद अशरफ हामिद और उसके पिता समेत आठ लोगों पर हर्रैया पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की है। उसे आरपीएफ बस्ती, आरपीएफ गोंडा और हर्रैया पुलिस की संयुक्त टीम ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से 17 फरवरी को गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर उसे बस्ती लाया गया। मौजूदा समय गोंडा जेल में बंद है। पूर्व में दबोचे गए उसके कैशियर, सुपरसेलर व अन्य सहयोगी बस्ती जेल में बंद है।
पुलिस के अनुसार काले कारोबार के जरिए उसके और उसके परिजनों व परिचितों के पास करीब 50 करोड़ की रुपये की संपत्ति की जानकारी सामने आ चुकी है। हामिद अशरफ जिले के कप्तानगंज थाने के रमवापुर का रहने वाला है। मुम्बई में नवी मुम्बई रेलवे स्टेशन घनसौली के पास थाने महाराष्ट्र में जी-8/103 फ्लैट को अपना निजी आशियाना बना रखा था। एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के बाद उसके पास से नकद भारतीय मुद्रा 1.55 लाख और नकद विदेशी मुद्रा दरहम 8920 (भारतीय मुद्रा 176600/- रुपये) बरामद हुई थी। इसके अलावा 1.30 लाख का आईफोन और 30 हजार रुपये की आईफोन घड़ी भी मिली थी।
थाना प्रभारी हर्रैया विकास यादव ने बताया कि सरगना हामिद के अलावा उसके पिता जमीरुल हसन उर्फ लल्ला, मनोज महतो निवासी मढिया थाना सोनबरसा जिला सीतामढ़ी बिहार, योगेन्द्र विश्वकर्मा निवासी मोहल्ला गल्ला मण्डी ज्ञानपुर रोड, अब्दुल रहमान उर्फ नेहाल निवासी नदवा सराय थाना घोसी जनपद मऊ, अमित गुप्ता निवासी मझवार थाना घोसी जनपद मऊ, रेहान सिद्दिकी निवासी नेवादा थाना सादुल्लाह नगर, जनपद बलरामपुर और अम्बिका यादव निवासी खुटहन थाना नगर को उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत पाबंद कर अग्रिम कार्रवाई नियमानुसार शुरू की गई है।